Blog

प्रत्याभूति की संविदा : परिभाषा एंव आवश्यक तत्व

प्रत्याभूति संविदा की परिभाषा

भारतीय संविदा अधिनिमय 1872 की धारा 126 में प्रत्याभूति की संविदा की परिभाषा दी गई है। इसके अनुसार – प्रत्याभूति की संविदा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा व्यतिक्रम की दशा में उसके वचन का पालन या उसके दायित्व का निर्वहन करने की संविदा।

सरल शब्दों में जब कोई व्यक्ति अपने बचाव का पालन न करें, तब उसकी ओर से पालन करने का दायित्व किसी अन्य व्यक्ति द्वारा अपने ऊपर लिया जाना ही प्रत्याभूति की संविदा है|

उदाहरणार्थ , से 5000/- रुपये का ऋण लेता है यह करार करता है या वचन देता है कि यदि ऋण का संदाय करने में असफल रहता है तो वह स्वयं (ग) उस ऋण की राशि का संदाय करेगा। यह प्रत्याभूति की संविदा है।

प्रचलित भाषा में ऐसी संविदाओं को जमानत अथवा गारन्टी की संविदा भी कहा जाता है क्योंकि इनमें पर-व्यक्ति अथवा अन्य व्यक्ति द्वारा वचन पालन की जमानत अथवा गारन्टी दी जाती है।

प्रत्याभूति की संविदा से आप क्या समझते हैं? परिभाषा व इसके आवश्यक तत्व

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *